
लोक आस्था का महापर्व छठ उदीयमान सूर्य के अर्घ्य के साथ मंगलवार को संपन्न हो गया। सूर्य नगरी देव में रातभर अर्घ्य का सिलसिला चलता रहा। देव सहित पूरे जिले में श्रद्धालु सूर्योपासना में लीन दिखे। भीड़ से यहां पैदल चलना मुश्किल रहा। अर्घ्य के समय सूर्यकुंड तालाब के पास पांव रखने की जगह नहीं दिखी। व्रतियों की भीड़ से निकल रही छठ गीत से वातावरण गुंजायमान रहा। ऐतिहासिक स्थल देव सहित जिले के विभिन्न घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दे पर्व को पवित्रता के साथ मनाया। देव सूर्यकुंड तालाब पर करीब तीन लाख से अधिक व्रतियों ने अर्घ्य दिया। इस वर्ष भीड़ नियंत्रण की कमान एसआइएस के गार्ड एवं स्काउट गाइड के छात्र संभाले हुए थे। स्काउट गाइड के संगठन आयुक्त श्रीनिवास के नेतृत्व में गाइड कतारबद्ध खड़े होकर व्रतियों को मदद करते दिखे। देव संवाददाता के अनुसार सूर्यमंदिर एवं सूर्यकुंड के पास श्रद्धालुओं का जन सैलाब इस कदर उमड़ा कि लोग देखते रह गए। चार दिनों तक देव प्रखंड मुख्यालय छठ गीत एवं सूर्य भगवान के जयघोष से गुंजायमान रहा। खेतों में धान रहने के कारण व्रतियों को ठहरने में परेशानी हुई। पिंड पर व्रती डेरा जमाए रहें। ओबरा एवं अम्बा संवाददाता के अनुसार बटाने एवं पुनपुन दोमुहान घाट पर अर्घ्य देने को श्रद्धालुओं की भीड़ रही। यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने अर्घ्य दिया। अम्बा के ढूंढा, चपरा, दधपा के सूर्य मंदिर के पास तालाब में अर्घ्य देने श्रद्धालु सुबह चार बजे से पहुंचने लगे। हजारों की संख्या में श्रद्धालु दोमुहान घाट पर रात्रि बिताई। ओबरा के कझवां एवं बंधू बिगहा में सूर्य अराधना को श्रद्धालु जमे रहे। मदनपुर संवाददाता के अनुसार उमगा तालाब पर हजारों श्रद्धालुओं ने अर्घ्य दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में छठ पर्व पवित्रता के साथ मनाया गया। रफीगंज, गोह, हसपुरा, बारुण संवाददाता के अनुसार उदीयमान सूर्य के अर्घ्य के साथ छठ संपन्न हो गया। नवीनगर संवाददाता के अनुसार पुनपुन घाट, चन्द्रगढ़ तालाब, सोन नदी पर व्रतियों ने अर्घ्य दिया। source जागरण